Umedaram Beniwal Biography उम्मेदाराम बेनीवाल का जीवन परिचय

News Bureau
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Umedaram Beniwal Biography उम्मेदाराम बेनीवाल का जीवन परिचय

2024 की लोकसभा चुनाव में बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से लोकसभा सदस्य चुने गए उम्मेदाराम बेनीवाल उसका जीवन संघर्ष भरा रहा।

करीब 900 वोट के अंतर से चुनाव हारने के बाद भी उम्मेदाराम बेनीवाल मेहनत करते रहे और इस बार लोकसभा पहुंच गए।

उम्मेदाराम बेनीवाल का जीवन

उम्मेदाराम बेनीवाल का का जन्म बाड़मेर जिले के पुनियों का तला गांव में हुआ, उम्मेदाराम बेनीवाल ने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सरकारी नौकरी के लिए कई एग्जाम दिए, इसी बीच उम्मेदाराम का सिलेक्शन दिल्ली पुलिस में हो गया है।

लेकिन उम्मेदाराम 1995 में दिल्ली पुलिस में ज्वाइन करने के बाद बड़े अधिकारी बनना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। लेकिन उम्मेदाराम बड़े अधिकारी नहीं बन सके।

करीब 10 साल तक नौकरी करने के बाद 2005 में उम्मेदाराम बेनीवाल ने दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़कर बिजनेस करने की ठान ली।

दिल्ली से बिजनेस की शुरुआत की

2000 से में उम्मेदाराम बेनीवाल ने दिल्ली में हैंडीक्राफ्ट का बिजनेस शुरू किया, उम्मेदाराम का बिजनेस काफी सफल हो गया।

उम्मेदाराम बेनीवाल का राजनीतिक जीवन

उम्मेदाराम बेनीवाल की राजनीति में एंट्री साल 2010 के पंचायतीराज चुनाव में होती हैं, इस समय गांव में सरपंच पद के लिए महिला की सीट आरक्षित हुई, और गांव के लोग उम्मेदाराम बेनीवाल की पत्नी को चुनाव लड़वाना चाहते थे।

उम्मेदाराम बेनीवाल की पत्नी पुष्पा देवी ने यहां से चुनाव लड़ा और जीत लिया।

यहीं से उम्मेदाराम बेनीवाल के राजनीति की शुरुआत होती हैं।

अब उम्मेदाराम बेनीवाल विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी करने लगे, 2018 में हनुमान बेनीवाल हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की टिकट पर बायतु से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन चुनाव हार गए।

इसके बाद 2020 में पंचायतीराज चुनाव में उम्मेदाराम बेनीवाल ने जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ा और यह चुनाव जीत लिया।

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इसके बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में फिर से बायतु विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे, लेकिन पर नहीं पड़ी और 910 वोट के अंतर से चुनाव हार गए। इस करीबी मुकाबले को हरीश चौधरी से हारने के बाद उम्मेदाराम बेनीवाल आगे की तैयारी में जुट गए।

अब उम्मेदाराम बेनीवाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का इतना जन आधार नहीं था कि बाड़मेर सीट जीत सके।

ऐसे में उम्मेदाराम बेनीवाल ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली, और 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा।

यहां पर उन्होंने दूसरे स्थान पर रहे निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी को 1 लाख 18 हजार वोट से चुनाव हराया।

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