गायों की बिमारी लंपी स्किन रोग का इलाज व लम्पी त्वचा रोग क्या है?

News Bureau
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गायों की बिमारी लंपी स्किन रोग का इलाज व लम्पी त्वचा रोग क्या है?

राजस्थान , गुजरात व पंजाब सहित कई राज्यों के पशुओं में एवं विशेषकर गाया में लंपी स्किन नामक रोग लगातार तेजी के साथ फैल रहा है , विशेषज्ञ बताते हैं कि लंपी स्किन रोग रोग के मामले देश में पहली बार दर्ज किए गए हैं।

क्या है लंपी स्किन रोग

यह एक संक्रामक रोग है जो कि जानवर में फैलता है एवं यह रोग इतना घातक है कि संक्रमित होने वाले जानवरों में से लगभग 50% जानवरों की मौत हो जाती है।

इससे बचने के लिए द्वितीयक जीवाणु संक्रमण से बचने के लिए एंटीबायोटिक्स, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीहिस्टामिनिक दवाएं दी जाती हैं। हालांकि इस रोग का कोई इलाज नहीं है ।

यह रोग एक पशु से दूसरे पशु तक कीटाणुओं एवं छोटे जीवाणुओं की वजह से फैलता है।

लंपी स्किन रोग के लक्षण

  • लंपी स्किन रोग होने पर जानवरों को बुखार आना एवं आंखें व नाक बहना।
  • यह रोग होने पर पूरी शरीर में गांठ जैसी नरम छाले पड़ जाते हैं एवं यह बाद में घाव बन जाते हैं।
  • दूध का उत्पादन भी कम कर देते हैं।
  • पशुओं को भोजन करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
  • सिर , गर्दन एवं जननांगों के आसपास गांठें विशेष रूप से देखी जा सकती है।
  • कई बार इस रोग से माजा मवेशियों में लंगड़ापन , बांझपन , गर्भपात जैसी स्थितियां हो जाती है।

लंपी स्किन रोग ( लंपी त्वचा रोग) का इलाज

वैसे तो आपने इस आर्टिकल के शुरुआत में पढ़ लिया होगा कि लंपी स्किन रोग का कोई इलाज नहीं है एवं इसके लिए कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है जो कि निम्न हैं।

  • पशुओं में इस रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें , कई बार एंटीबायोटीक दवाओं से पशु स्वस्थ हो जाते हैं।
  • एवं जिस पशु के लंपी स्किन रोग के लक्षण दिखाई दें उस पशु को अन्य पशुओं से अलग रखना चाहिए।
  • ध्यान रखें कि संक्रमित पशु के संपर्क में अन्य पशु ना आए , उस पशु को चारा भी अलग खिलाना चाहिए।
  • चिकित्सक से ऐसी दवाई लेनी चाहिए जिन्हें घाव पर लगाने से मच्छर एवं मक्खियां गांठों के घावों पर बैठकर पशु को ना काटे।
  • जब तक पशु पूरी तरीके से स्वस्थ उससे अन्य पशुओं के साथ ना ले जाया जाए ।

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