कहानी भंवरी देवी के हत्याकांड मामले की … Coverage story

News Bureau
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राजस्थान में 2002 में फंसे भंवरी के भंवर जाल में नेता आखिर 2021 में ज़मानत पर जेल से बाहर आ गए।

कहानी निलंबन से शुरू होकर प्यार की गली से होते हुए हत्या तक पहुंचती हैं।

आखिर ये कहानी किसी रहस्यमय फ़िल्म से कम नहीं प्रतीत होती हैं। जानिए पुरी कहानी ( Really Bharat Coverage Story )

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2002 की कहानी 

भंवरी देवी जोधपुर के जालीवाड़ा उपकेन्द्र में सहायक नर्स थी , लेकिन उसको राजस्थानी फिल्मों में काम करना पसंद था , इसलिए अक्सर भंवरी देवी उपकेन्द्र में अनुपस्थित रहकर शुटिंग में रुचि लेती थी। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण भंवरी देवी को उपकेन्द्र में सहायक नर्स के पद से निलंबित कर दिया। लेकिन भंवरी देवी फिल्मों में शूटिंग के साथ में नर्स भी रहना चाहती थी। लेकिन इसके बाद भंवरी देवी तत्कालीन विधायक मलखान सिंह के पास पहुंची और मलखान सिंह ने भंवरी देवी को तत्कालीन जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा से मिलवाया , इसके बाद भंवरी देवी को वापस सहायक नर्स के पद लगवा दिया गया । उस समय कांग्रेस की सरकार थी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत थे । 

2002-03 की कहानी

इसके बाद 59 वर्षीय मन्त्री महिपाल मदेरणा व 55 वर्षीय विधायक मलखान सिंह का दिल 30 वर्ष की एक शादीशुदा महिला व राजस्थानी फिल्मों की अभिनेत्री एवं खूबसूरत महिला भंवरी देवी पर आ गया। और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदलने लगी। 

 इसके बाद आपस में संबंध भी बने एवं भंवरी देवी के एक लड़की का जन्म हुआ जो कि मलखान सिंह की थी।

और यहीं से भंवरी देवी की राजनीति में जाने की ख्वाहिश शुरू हो गई।

2008 की कहानी

2008 में चुनाव होने थे एवं भंवरी देवी राजनीति में आने के ख्वाब से टिकट मांग रही थी मलखान सिंह व महिपाल मदेरणा टिकट देने में कहीं न कहीं असमर्थ दिख रहे थे , इसके बाद भंवरी दावा करने लगी कि दो-तीन दिन में सरकार गिरा सकती है क्योंकि उसके पास विधायकों को मंत्री के साथ आपत्तिजनक संबंधों की सीडी हैं।

2010 की कहानी

मलखान सिंह भंवरी देवी को राजनीति में एंट्री नहीं दिला सके तो इसके बाद भंवरी देवी उनकी संपत्ति में हिस्सा मांगने लगी।

अब मलखान सिंह की बहन इंद्रा विश्नोई की इस कहानी में एंट्री होती है इंद्रा चाहती थी कि भंवरी देवी व मलखान सिंह के बीच समझौता हो जाए एवं भंवरी देवी के पास से महिपाल मदेरणा की आपत्तिजनक संबंधों की सीडी वह ले लें ताकि वह अपने भाई को मंत्री बना सके। इंद्रा बिश्नोई भंवरी देवी को भाभी बोलती थी।

एवं भंवरी देवी को महिपाल मदेरणा की सीडी तैयार करने के लिए राजी किया एवं दस लाख रुपए उसे उगाही दी।

भंवरी देवी ने महिपाल मदेरणा की सीडी तो बनवा ली लेकिन भंवरी यह सीडी इंदिरा विश्नोई को नहीं देना चाहती थी।

और भंवरी के तीखे तेवरों के बाद इंदिरा ने भंवरी को ठिकाने लगाने की सोची।

2011 की कहानी 

31 अगस्त 2011 को भंवरी देवी लापता हो गई एवं इसके बाद भंवरी के पति अमरचंद ने गुमशुदगी का केस दर्ज करवाया।

सीबीआई की जांच 

सीबीआई ने बताया भंवरी देवी इंदिरा के सहयोगी सोहनलाल के पास रुपए लेने के लिए घर से निकली एवं सोहनलाल के पास पहुंचकर सोहनलाल की गाड़ी में बैठी लेकिन सोहनलाल ने गाड़ी घुमा दी तो भंवरी को शक हुआ एवं भंवरी गाड़ी से बाहर कूदने का प्रयास करने लगी तभी गाड़ी में बैठे बलदेव व शहाबुद्दीन ने भंवरी का सिर व गला दबा दिया। लेकिन भंवरी देवी को जिंदा विश्राराम को सौंपना था। परंतु विश्राराम ने महिपाल मदेरणा के कहने पर भंवरी को  जलाकर नहर में डाल दिया। 

आरोपियों ने जो बात पुलिस के सामने बात बताई उस बात से कोर्ट में जाकर सब आरोपी मुकर गए। 

2012 की कहानी

लेकिन सीबीआई ने भंवरी जिंदा है या मृत यह जानने के लिए नहर की तलाशी ली एवं सीबीआई ने नहर में एक बोरे में अस्थियां पाई , लेकिन अब सीबीआई के सामने एक यह भी मुसीबत आ गई कि आखिर ये हस्तियां भंवरी देवी की है या किसी और की? 

और यह जानने के लिए सीबीआई ने इन अस्थियों को अमेरिका भेज दिया क्योंकि भारत में उस समय इतनी  एडवांस टेक्नोलॉजी नहीं थी ।

इसके बाद एफबीआई ने जब अस्थियों जांच की तो पता चला कि अस्थियां भंवरी देवी की है यानी कि भंवरी देवी जिंदा नहीं हैं।

इंन्द्रा विश्नोई की गिरफ्तारी

3 दिसंबर 2011 को इंद्रा फरार हो गई , इसके बाद इंद्रा विश्नोई ने नाम बदलकर गीता बाई रख दिया और साध्वी बन गई । पांच लाख रुपए की इनामी इंद्रा बिश्नोई को 6 साल बाद मध्यप्रदेश के देवास जिले के नेमावर में नर्मदा नदी के तट पर पकड़ाई।

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जमानत

इस पूरे मामले में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 16 आरोपियों को अगस्त 2021 में जमानत दे दी । एवं इंद्रा बिश्नोई को सितंबर 2021 में जमानत दी।

वर्तमान स्थिति

वर्तमान स्थिति में महिपाल मदेरणा की पत्नी लीला मदेरणा 2021 के चुनाव में जोधपुर से जिला प्रमुख चुनी गई एवं महिपाल मदेरणा की बेटी दिव्या मदेरणा 2018 में ओसिया से विधायक चुनी गई।

मलखान सिंह के बेटे महेंद्र बिश्नोई 2018 में लूणी से विधायक चुने ग‌ए ।

कुछ सवाल अब भी …..

भंवरी देवी हत्याकांड मामले में अभी भी कुछ सवाल सुलझे नहीं है मुख्य सवाल यह है कि मलखान सिंह व भंवरी देवी की बेटी को क्या मलखान सिंह की संपत्ति का आधा हक मिलेगा?

दूसरा सवाल यह है कि जिस सीडी के दम पर भंवरी दावे करती थी कि उस सरकार गिरा सकती है आखिर उस सीडी में क्या था और वह सीडी अब कहां हैं?

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