सिद्धू हत्याकांड : विश्नोई गैंग शब्द का प्रयोग करने पर समाज में नाराजगी

सिद्दू मूसे वाला की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई की गैंग के सदस्य गोल्डी बराड़ द्वारा इस हत्या की जिम्मेदारी ली गई , वहीं इस…

सिद्दू मूसे वाला की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई की गैंग के सदस्य गोल्डी बराड़ द्वारा इस हत्या की जिम्मेदारी ली गई , वहीं इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई सहित कई अन्य गैंग के सदस्यों द्वारा इस घटना को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है।

इधर मीडिया द्वारा लॉरेंस बिश्नोई की गैंग को विश्नोई गैंग के नाम से पुकारने पर विश्नोई समाज में नाराजगी है। बिश्नोई गैंग शब्द का प्रयोग करने से विश्नोई समाज लगातार विरोध कर रहा है , वही समाज के कई वरिष्ठ लोगों ने भी इस पर नाराजगी जताई है।

इससे पहले भी रीट परीक्षा के मामले में विश्नोई गैंग के नाम से एक दल सक्रिय रहा था , जिसने परीक्षाओं में पेपर लीक करवाने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था। लेकिन विश्नोई समाज के लोगों का मानना है कि समाज में कुछ असामाजिक तत्व होने की वजह से पूरे समाज को बदनाम नहीं किया जा सकता। और इसी वजह से बिश्नोई गैंग के शब्द पर नाराजगी जताते आ रहे हैं।

बता दे कि सिद्धूमूसेवला की हत्या के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ की जा रही है लॉरेंस बिश्नोई ने शुरुआत में पुलिस को कुछ भी बताने से इंकार कर दिया और लॉरेंस बताता रहा कि उसे इस बारे में कुछ भी पता नहीं है,  क्योंकि उसे हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया है और वहां पर उसके पास मोबाइल नहीं होने की वजह से किसी से भी संपर्क नहीं होता है।

लेकिन लॉरेंस बिश्नोई से लगातार पूछताछ के बाद लॉरेंस बिश्नोई ने स्वीकार किया कि इस हत्या को अंजाम देने में उसकी गैंग का हाथ है लेकिन उसे इस बारे में पता नहीं है।

बिश्नोई समाज के बारे में

राजस्थान के संत जंभेश्वर ने 29 नियमों के साथ एक संप्रदाय की स्थापना की जिसे विश्नोई के नाम से जाना जाता है , इस संप्रदाय में प्रकृति प्रेमी एवं जीवो को विशेष महत्व दिया जाता है। जोधपुर के खेजड़ली ग्राम में अमृता देवी विश्नोई की याद में प्रतिवर्ष मेला भी भरता है।