रविंद्र सिंह भाटी को कमजोर करने में जुटी भाजपा, कोशिशों के दौर खत्म

News Bureau
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रविंद्र सिंह भाटी को कमजोर करने में जुटी भाजपा, कोशिशों के दौर खत्म

2023 की विधानसभा चुनाव में भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले रविंद्र सिंह भाटी अब भारतीय जनता पार्टी के लिए बाड़मेर लोकसभा सीट पर मुसीबत बने हुए हैं।

रविंद्र सिंह भाटी वर्तमान में शिव विधानसभा सीट से विधायक हैं, रविंद्र सिंह भाटी 2024 का लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़ रहे हैं लेकिन रविंद्र सिंह ने बाड़मेर लोकसभा सीट का चुनाव त्रिकोणीय बना दिया‌।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी रविंद्र सिंह भाटी को मनाने की कोशिश की लेकिन भाजपा की ओर से सारी कोशिश से फेल हो गई।

आप रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी चुनाव आयोग में एक शिकायत लेकर पहुंच गई, दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्टर इस विवाद का मुख्य कारण बना।

इस पोस्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिन्ह और रविंद्र सिंह भाटी का फोटो हैं।

इस पोस्टर लिखा हुआ हैं कि माफ करना मोदी जी, हम आपको कैलाश की जगह रविंद्र दे रहे हैं‌।

इस पोस्टर को लेकर भारतीय जनता पार्टी चुनाव आयोग पहुंच गई है, और शिकायत दर्ज कराई है।

इधर कांग्रेस पार्टी भी रविंद्र सिंह भाटी के खिलाफ एक शिकायत लेकर चुनाव आयोग पहुंची है, कांग्रेस ने शिकायत की हैं कि रविंद्र सिंह ने एक भाषण में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के मंच पर एसओजी के अधिकारी होने के आरोप लगाए।

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने रविंद्र सिंह भाटी के विधानसभा चुनाव के दौरान साथ नजर आने वाले दोस्त अशोक गोदारा को पार्टी में शामिल कर दिया है, राजनीतिक जानकार मानते हैं कि रविंद्रसिंह भाटी के खास लोगों को भारतीय जनता पार्टी अपने साथ शामिल करने की कोशिश में हैं।

बताया जाता है कि रविंद्र सिंह भाटी के मित्र अशोक गोदारा छात्रसंघ चुनाव के दौरान भी साथ रहे थे, लेकिन अब लोकसभा चुनाव के दौरान वे साथ नजर नहीं आ रहे हैं ‌।

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